नई दिल्ली:मुहब्ब्त की निशानी ताजमहल भाजपा की उत्तर प्रदेश में सरकार बनते ही किसी ना किसी वजह से सुर्ख़ियों में है।कभी इसको भारतीय संस्कृति ना मानने की बात पर बहस छिड़ जाती है तो उत्तर प्रदेश पर्यटन की बुकलेट में शामिल ना किए जाने पर कड़ी आलोचना होरही थी।सरधना विधायक संगीत सोम के ब्यान के बाद तो ताजमहल का मुद्दा मीडिया में बड़े पैमाने पर गर्दिश करने लगा था।
ताजमहल में पूजा

ताज महल एक मक़बरा है जिसको शाहज़हां ने मुमताज़ की याद में बनवाया था इसके दोनों तरफ मस्जिद हैं जिसमें मुगल काल में नमाज़ हुआ करती थी,और अब ईद की नमाज़ भी उसमें होती हैं ।दीपक शर्मा नाम के संघ कार्यकर्ता ने ताजमहल के प्रांगण में पूजा करने की कोशिस जिसके बाद ताजमहल की देखभाल करने वाले स्टाफ ने उसको रोकने की कोशिस की लेकिन दीपक शर्मा ने स्टाफ के लोगो के साथ बहस करते हुए नमाज़ होने की दलील देकर पूजा करने की बात कही।हंगामें को देखते हुए पूरा स्टाफ सतर्क हुआ और सुरक्षा कर्मियों पूजा करने की कोशिस करने वाले को धक्के मारकर ताजमहल से निकाल दिया।

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