भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और सांसद साक्षी महाराज की पहचान हमेशा मुसलमानों के खिलाफ ज़ेहर उगलने वाले के रूप में होती रही है।हमेशा मुसलमानों के बारे में विवादित और अशोभय बयान देकर साक्षी महाराज़ बखेडा खड़ा करते रहे हैं।अब अगर आप उनकी ज़बान से मुसलमानों के बारे में तारीफ सुनें तो कोई भी यकीन नही करेगा,क्योंकि उनकी छवि मुस्लिम विरोधी के रूप में बन चुकी है। साक्षी महाराज ने अपने एक बयान में कहा था कि मदरसों में आतंकी बनाये जाते है, मदरसों में आतंक की शिक्षा दी जाती है |
इस्लाम का आतँकवाद से कोई ताल्लुक नही है

मगर हमेशा मुस्लमान और इस्लाम के खिलाफ वयान देने वाले साक्षी महाराज का यह वयान आप को हैरान करने वाला है , “साक्षी महाराज ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि आतंकवाद का इस्लाम से कोई लेना देना नहीं है, आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता “| साक्षी महाराज़ के इस बयान की चारो और चर्चा होरही है,कुछ लोगो का कहना है साक्षी महाराज़ की इस तरह की बयान बाज़ी के पीछे किसी ना किसी तरह की राजनीति छुपी हुई होसकती है।

वीडियो देखिए 

https://youtu.be/yxlw8y98JCw

इस्लाम तो शांति का प्रतीक है

मुफ़्ती उसामा नदवी ने साक्षी महाराज़ के बयान पर कहा कि बिल्कुल “इस्लाम के मौलिक सिद्धांतों के अनुसार आतंक फैलाना , बेगुनाह लोगों का खून बहाना , निहत्ते पर वार करना ,इस्लाम धर्म की शिक्षाओं और मान्यताओं के खिलाफ है।लेकिन कुछ लोग झूठे प्रोपेगंडा फैलाकर  इस्लाम को बदनाम करने की कोशिस करते है,साक्षी महाराज़ को यह बात देर से ही सही लेकिन समझ मे आई यह बहुत अच्छी बात है।

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