नई दिल्ली –देश के राजनितिक और सामजिक लोग पहलू खान की गौरक्षकों की हत्या पर आने वाली CBCID रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं. पहलू खान के परिजन और अन्य तमाम सामाजिक कार्यकर्ता इस मामले पर आई रिपोर्ट से असन्तुष्ट दिख रहे हैं.राजधानी दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पहलू खान मामले पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई. इस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान पुलिस और सरकार द्वारा पहलू खान के हत्यारों को बचाए जाने का आरोप लगाया गया.

भाजपा ने गौगुंडों की फोज़ तय्यार कर रखी है

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशांत भूषण ने कही कि  ‘गो-रक्षक’ के नाम से इस देश में गुंडों की एक फौज तैयार की गई है. ये गुंडे सरकारी शह पर और विशेष् रूप से भाजपा शासित राज्यों में काम कर रहे हैं. पुलिस भी इनके साथ काम करती है।
वहीं प्रशांत भूषण ने केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा को निशाने पर लेते हुए कहा कि महेश शर्मा किस तरह का अस्पताल चला रहे हैं. उन्होंने कैसे डॉक्टर रख लिए हैं. आख़िर उनके डॉक्टरों ने कैसे लिख दिया कि पहलू खान की मौत हार्ट-अटैक से हुई है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ़-साफ़ सबकुछ लिखा हुआ है कि कहां-कहां उनकी हड्डी टूटी हुई थी. प्रशांत भूषण ने तत्काल उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग भी की.

तीस्ता सीतलवाड़ ने प्रोटेस्ट पेटिशन डालेंगी

मानवाधिकार कार्यकर्ता और वकील तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि वह पहलू खान के मामले में वह प्रोटेस्ट पेटिशन डालेंगी. उन्होंने कहा कि, गोरक्षा के नाम पर किए गए तमाम हत्याओं के मामलों को एक साथ जोड़कर अदालत जाने की ज़रूरत है।

पहलू खान के बेटे को सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद है।

पहलू खान के बेटे इरशाद खान ने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद  है. इरशाद ने यह भी बताया कि उनका वकीलों पर से भरोसा भी उठ गया है. वकील पैसे हमसे लेते हैं जबकि काम उन हत्यारों का करते हैं.इरशाद ने कहा कि वह गरीब आदमी हैं और जब तक जान में जान है तब तक वह अपने बाप को इन्साफ दिलाने के लिये क़ानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।

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