बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के जिलाध्यक्ष इदरीस अली ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि- आगरा की पहचान ताजमहल है, लाल किला है, फतेहपुर सीकरी , सिकंदरा, एत्माउद्दौला, चीनी का रोजा, मेहताब बाग, मनकामेश्वर मंदिर, अकबरी चर्च, गुरु का ताल, जैन मंदिर है।जबसे भाजपा की सरकार बनी है आगरा से उसकी पहचान छीनी जारही है,आगरा का वजूद खतरे में है।

आगरा की जनता सर आँखों पर बिठाया है बीजेपी को

आगरा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी को नौ विधायक और दो सांसद दिए हैं फिर भी आगरा पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आगरा की ज़नता ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक व सांसद को इस उम्मीद से चुना था कि वह पहले की सरकार से ज़्यादा विकास करेंगे। जनता को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, ताज कॉरिडोर, आगरा हाईकोर्ट, आगरा बैराज परियोजना आदि की उम्मीद थी। आगरा के विधायक व सांसद असेम्बली व संसद में आगरा की आवाज बुलंद करके आगरा को उसका हक़ दिलाएंगे। इसका उल्टा हुआ है। आगरा की जनता को यह सब कुछ तो मिला नहीं, लेकिन हमारे वजूद को खत्म किया जा रहा है।
इदरीस अली ने कहा कि भाजपा की सरकार में जनता क्या मिला है? इसका नमूना कुछ इस तरह है-

1. पर्यटन बुक लेट में से ताज महल का नाम हटा दिया गया।

2. 2018 के कलेन्डर में ताज महल 6 या 7 वे नम्बर पर रखा गया .

3 आगरा हाई कोर्ट पर केंद्र व राज्य सरकार व आगरा के विधायक व सांसद चुप हैं

4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सरकार व आगरा के विधायक व सांसद चुप हैं

5 अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम पर सरकार व आगरा के विधायक व सांसद चुप हैं

6 आगरा बैराज परियोजना का मामला 1993 से लटका हुआ है

7 ताज कॉरिडोर मामला अभी तक लटका हुआ है



उन्होंने कहा- अब तक हम चुप इसलिए थे यह सब आगरा के विकास की बात थी, लेकिन अब तो हमारे वजूद से खिलवाड़ किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आगरा के विधायक व सांसद ने सरकार बनने के बाद कुछ नहीं किया। 

ताजमहल के बारे में इस तरह की टिप्पणियां कीं-
1 ताजमहल भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है

2 ताजमहल भारतीय संस्कृति पर पर धब्बा है

3 ताजमहल खूबसूरत कब्रिस्तान है

4 ताजमहल मुहब्बत की निशानी नहीं, मंदिर है

5 ताजमहल गुलामी की निशानी है

इदरीस अली ने कहा कि मुझे गर्व है कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ताजमहल, मोहब्बत का शहर, सुलहकुल की नगरी आगरा में मेरा जन्म हुआ और यहीं मेरी मृत्यु होगी। अपने आगरा के सम्मान के लिए मुकदमे भी लगवाने पड़े या जेल जाना पड़े या सज़ा मिले, फिर भी आगरा को पर्यटन बुकलेट के पहले पेज पर लाकर रहूँगा। आगरा सबसे ऊपर था, सबसे ऊपर है और सबसे ऊपर रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 तारीख से पहले पर्यटन बुकलेट में ताजमहल को पहले नम्बर पर रखने की घोषणा कर दी तो ठीक है। अगर नहीं माना तो 27 अक्टूबर से आंदोलन शुरू करेंगे, ताकि हमारी पहचान बनी रहे। सरकार को 10 दिन का समय दिया जा रहा है।

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