नई दिल्ली:रोहिंग्या मुसलमानों के क़त्लेआम से पूरी दुनिया काँप उठी थी,दुनिया के कई सारे देशों ने बर्मा पर कूटनीतिक दबाव बनाया था,लाखों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान जँगलों के रस्ते भूख और प्यास झेलते हुए बंग्लादेश में आकर शरण ली थी।बांग्लादेश ने आतंकवाद के आरोपों में एक प्रसिद्ध बौध्द धर्मगुरु को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि म्यांमार के रखायन राज्य में रोहिंग्या मुस्लिमों का खिलाफ हिंसा में इस धर्मगुरु का हाथ है.
पुलिस ने मॉंग को गिरफ्तार किया

बंग्लादेश पुलिस ने बताया है कि 67 वर्षीय यू शित मोंग को उस समय हिरासत में लिया गया जब वह पिछले सप्ताह ढाका के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से म्यांमार के लिए उड़ान भरने की कोशिश कर रहा था.एअरपोर्ट के पुलिस प्रमुख नूर-ए-आज़म मिया ने एएफपी को बताया, “आरएपी (रैपिड एक्शन बटालियन) ने पिछले हफ्ते हवाई अड्डे से आतंकवाद के आरोपों के तहत उसे गिरफ्तार कर हमें सौंप दिया.”

मॉंग की बहन ने बताया निर्दोष

हालांकि मोंग की बहन ने उसे निर्दोष बताया और कहा कि उसके भाई, जिनकी पत्नी म्यांमार में रहती है, निर्दोष है. उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाये गए है.सत्तारूढ़ अवामी लीग के एक पूर्व सांसद राखींग ने कहा, “वह मुस्लिम और बौद्ध दोनों के लिए काम करते है. इसके लिए वे रकम जमा कर रहे थे.

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