नबी पाक सल्लाहु अलय्ही वसल्लम ने हदीस पाक में फ़रमाया है कि सबसे पहला गिरोह(जमात)जो जन्नत में दाखिल होगा उनकी शक्लें(चेहरे)चौदहवीं रात के चाँद की तरह होंगी।यह ना तो जन्नत में थूकेंगे,ना पैशाब पाखाना करेंगे,ना इनको नज़ला ज़ुखाम होगा,इनके बर्तन और बालो में करने वाले कंघे सोने चाँदी के होंगे।

अँगीठी में जलने वाली लकड़ियाँ अगरकी(ऊद)की लकड़ियाँ होंगी।जन्नती लोगो का पसीना मुश्क का होगा,हर एक जन्नती मर्द के दो बीवियाँ होंगी जिनकी पिंडलियों का गुदा उनके हुस्न और खूबसूरती की वजह से गोश्त के अंदर से नज़र आऐगा,जन्नत में कोई भी किसी से हसद मेल या कपट नही रखेगा।

नबी पाक की नसीहत

रसूलउल्लाह ने फ़रमाया जो शख्स अल्लाह ताला पर और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है उसको चाहिए कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ अपने सम्बन्ध मधुर रखे,उनके साथ अच्छा व्यवहार करे।और फ़रमाया रिश्तों को तोड़ने वाला जन्नत में नही जाएगा।

हदीस से क्या पाठ मिलता है

ऊपर हदीस में जन्नत वासियों की खूबसूरती उनको मिलने वाली तमाम ऐश की चीज़ों के बारे में बताया गया है लेकिन दूसरी हदीस में नबी पाक का इरशाद है कि रिश्ते तोड़ने वाला जन्नत में नही जाऐगा।

यानी अपने रिश्तेदारों,भाई बहन ताया चाचा मामू और दूसरे जितने क़रीबी रिश्तेदार हैं से बोल चाल खत्म करने वालो और सम्बन्ध तोड़ने वालो के बारे में नबी सल्लाहु अलय्ही वसल्लम की चेतवानी बहुत ही सख्त ब्यान हुई है।तमाम नैक कामों के साथ साथ अपने रिश्तेदारों से भी अच्छा सुलूक करना बहुत ज़रूरी है।

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