सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर पटाखों और आतिशबाज़ी के खरीद फरोख्त पर पाबन्दी लगा दी थी,जिस वजह से प्रशासन द्वारा पटाखे विक्रेताओं की कई स्थानों पर गिरफ्तारियाँ भी हुई तथा कई स्थानों पर छापे मारी भी हुई थी।इस कार्यवाही के बाद लगने लगा था कि इस बार दीपावली की धूम धड़ाक हाय हुल्ला कम होगा लेकिन जब दीपावली की शाम आई तो आसमान का नज़ारा देखने लायक़ था कि कैसे खुल्लम खुल्ला दिल्ली NCR में सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना होरही है।
राजनितिक लोगो ने फ़ेसबुक पर वीडियो Live करे।

कई राजनितिक पार्टियों के नेताओं और पत्रकारों ने फ़ेसबुक पर पटाखे छोड़ते हुए तथा आतिशबाज़ी करते हुए अपने वीडियो वायरल करे हैं उन्हें यह याद नही रहा कि देश को सबसे बड़ी अदालत के आदेश की अवहेलना उनहें अपराधी बनाती है।कोर्ट की गरिमा और मर्यादा को लांघ कर उन्होंने खुल्लम खुल्ला अपराध किया है।

सरकार को दिया था आदेश।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय सरकार को आदेश देते हुए कहा था कि जितने लाइन्सन्स दिए गए हैं उन सबको तत्काल प्रभाव से कैंसिल किया जाता है।कोर्ट का यह आदेश एक टेस्ट की तरह था जिसमें वो देखना चाहते थे कि दिल्ली और एनसीआर में अगर आतिशबाज़ी पटाखेबाज़ी नही होती है तो इससे आबोहवा पर कितना फ़र्क़ पड़ता है,कोर्ट इस सम्बन्ध में अपना आखरी फैसला बाद में सुनाएगा।

12 गुना बढ़ा प्रदूषण

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दीवाली की रात में प्रदूषण स्तर सामान्य से 12 गुना तक पहुँचा जो दिल्ली एयर एनसीआर वासियों की जान के लिये बड़ा घातक है।दीवाली की इस धूमधाम से पूरी दिल्ली और एनसीआर का क्षेत्र जगमगा और पटाखों की गूँज से गूँज रहा था।जो सीधे सीधे इस बात का संदेश दे रहा था कि हम अपनी जान से ज़यदा मस्ती और मोज में विश्वास रखते हैं।

बगैर मॉस के नही निकल पाएँगे

दिल्ली एनसीआर में फैलता प्रदूषण स्तर से बड़ा घातक है अगर इतनी ही तेज़ी से ये फैला तो आइक बात तो साफ़ होजाती है कि मानव का खुले में साँस लेने हज़ारों बीमारियों को जिस्म में दाखिल करना होगा।प्रदूषण स्तर ना घटा तो सड़कों पर मॉस लागए घूमते नज़र आएंगे दिल्ली वाले।

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