मुम्बई. सोनू निगम ने तो जैसे मुस्लिम समाज को सुधारने य्या मारने का ठेका ही ले लिया है,उनके विवादित बयान देश मे बखेडा खड़ा करने का काम करते हैं।पिछले दिनों अज़ान पर टिप्पणी उनका पीछा नही छोड़ रही थी कि अब एक नया फितना खड़ा कर दिया है।इस बार उन्होंने नए विवादित बयान में कहा है कि योग को बढ़ाने वालों के खिलाफ जो फतवा निकाल रहे हैं, उन्हें सुपारी किलर की तरह सजा मिलनी चाहिए। उनका मकसद साफ है कि कानून को हाथ में लो और लोगों को मारो। बता दें कि स्कूली बच्चों को योग सिखाने और रामदेव के साथ स्टेज शेयर करने पर राफिया कट्टपंथियों के निशाने पर आ गईं। मुस्लिम संगठनों ने मुस्लिम योग टीचर के खिलाफ फतवा जारी किया है। उन्हें लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए सीएम रघुवर दास ने दो सिक्युरिटी गार्ड मुहैया कराए।
सोनू निगम ने वीडियो में कहा, ”मुझे लगता है योग मजहब से परे है। हर इंसान को जरूरत है अच्छी सेहत, अच्छी मानसिक स्थिति और प्रभु से निकटता की। आज जो योग को समाज से जोड़ रहे हैं, कुछ लोग उनके खिलाफ फतवा जारी कर रहे हैं। मेरे ख्याल से पहले फतवा को ही बैन करना चाहिए और जो लोग फतवा जारी कर रहे हैं, उन्हें वो सजा मिलनी चाहिए जो किसी सुपारी देने वाले को मिलती है। ये ऐसा ही है कि मैंने इसकी सुपारी दी है, इसे मारो। इसका मकसद है कि कानून को हाथ में लो और लोगों को मारो।”

दूसरे वीडियो में सोनू ने कहा, ”मैंने 2004 में योग करना शुरू किया था। मेरी टीचर का नाम रूही था जो एक मुस्लिम है। उन्होंने मुझे पूरी मेहनत से योग सिखाया। मैं उनके साथ रोजाना सुबह 5 से 8 बजे तक योग करता हूं। ऐसे ही मेरे पिता भी योग सीख रहे हैं। उनके टीचर का नाम कबीर है, वो भी एक मुस्लिम है। आप सोच सकते हैं कि मुस्लिम योग टीचर हमसे कितने जुड़े हुए हैं। लोगों ये समझना चाहिए कि चाहे वो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई या पारसी हों, सभी शांति और अच्छी हेल्थ चाहते हैं। ईश्वरीय शक्तियां हमारे आसपास मौजूद होती हैं और हम खुद को बेहतर तरीके से लोगों से सामने प्रेजेंट कर पाते हैं।”
बता दें कि कुछ महीने पहले सोनू ने अजान को लेकर कुछ ट्वीट किए थे। इसके बाद उनके खिलाफ मुस्लिम संगठनों ने फतवा जारी किया था। इसके विरोध में उन्होंने अपना सिर मुंडवा लिया था।

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