साँसद विधायक मेयर का एक विशेष कल्चर भारतीय सांस्कृति में पाया जाता है, दो चार गाड़ियों का क़ाफीला,बन्दूक धारियों के साथ आप जनता की पहुंच से दूर रहकर जन प्रतिनिधि होने का दावा करते हैं।लेकिन भारत के एक शहर हैदराबाद में एक मुख्यालय दारुल सलाम के नाम से है जो हमेशा गरीबों की मदद के लिए चौबीसों घण्टे खुला रहता है।

क्या है दारुल सलाम?

आल इंडिया मजलिस ऐ इत्तेहादुल मुस्लिमीन का मुख्यालय दारुल सलाम है,जहां पर पार्टी के सात विधायक,एमएलसी,और साँसद रोज़ाना जनता के लिए हमेशा बैठते हैं।बैरिस्टर असदउद्दीन ओवैसी खुद रोज़ाना दारुल सलाम में वक़्त देते हैं और जन समस्याएं सुनकर उनका निदान करते हैं।

आज सोशल मीडिया पर एक फोटू वायरल होरही है जिसमें भारत के वरिष्ठ साँसद असदउद्दीन ओवैसी एक शारीरिक रूप से विकलाँग महिला की बात को सामने पड़ी मेज़ पर झुककर सुन रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार भोगुदा की निवासी टी रजनी अपनी शिकायत को लेकर दारुल सलाम पहुँची और उन्होंने ओवैसी से राज्य सरकार की योजना के तहत एक स्वतंत्र घर सुरक्षित करने के लिए एमपी की मदद का अनुरोध किया और एक मुफ्त बस पास और अन्य सुविधाएं मांगी जैसा कि कमजोर आवाज में महिला ने बोल दी,ओवैसी ने शिकायत को सुनकर उसको पूरा कराने का आश्वासन दिया ।

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