राजधानी लखनऊ में आयोजित लखनऊ लिटरेरी फैस्टिवल में शिरकत के लिए आये जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और वामपंथी नेता कनैहय्या कुमार पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया।इन लोगो द्वारा कनैहय्या कुमार वापस जाओ के नारे लगाकर चलते प्रोग्राम में अफरातफरी का माहौल बना दिया।मामले को बढ़ते देख आयोजकों की सूचना पर पुलिस पहुँची और हंगामा कर् रहे लोगो को वहाँ से हटाया।

बिहार टू तिहाड़ पर चर्चा करने आये थे।

कनैहय्या कुमार लखनऊ लिटरेरी फैस्टिवल में अपनी पुस्तक बिहार टू तिहाड़ पर चर्चा करने के लिए गोमती नगर के शोरोज़ रेस्टोरेंट परिसर में पहुंचे थे।कन्हैय्या के पहुंचते ही एबीवीपी और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े 15/20 कार्यकर्ता पहुँच गए और कनैहय्या कुमार पर हमला बोलते हुए”कनैहय्या वापस जाओ” के नारे लगाने लगे।मंच पर पहुंचे कनैहय्या कुमार को मंच पर मौजूद लोगों ने घेरा बनाकर हमलावरों से बचाने की कोशिश की।मंच पर मौजूद ऐसिड पीड़ित महिलाएँ भी कन्हैय्या को बचाने के लिए घेरा बनाकर खड़े होगई।

आधा घण्टे तक हंगामा काटते रहे हुड़दंगी

लगभग आधे घण्टे तक हंगामा काटते रहे हुड़दंगी कार्यकर्ता,इतने बड़े प्रोग्राम में योगी पुलिस का सिर्फ एक अधिकारी मौजूद था,जो कनैहय्या को बीच मे ही छोड़कर पुलिस को बुलाने की बात कहकर बाहर निकल गया।काफी समय बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और हुडदंगियों को बाहर खदेड़ा।

हंगामें के बाद अनुमति निरस्त की 

लखनऊ प्रशासन ने निकाय चुनाव का हवाला देते हुए लखनऊ लिटरेरी फैस्टिवल की अनुमति निरस्त कर दी जबकि यह कार्यक्रम दिनों तक और चलने वाला था।कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी ने किया था इस कार्यक्रम के संयोजक शमीम आरज़ू,लेखिका परवीन तलहा, दिव्या दत्ता ,मोहम्मद अनस आदि मुख्य रूप से शामिल थे

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