नई दिल्ली:नगर निकाय चुनाव में हर एक पार्टी में गुटबाजी है, कई जनपदों में पार्टी के पुराने सिपाही अपनी ही पार्टी के गलत फैसलों से नाखुश होकर पार्टी के सामने ही चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।केंद्र और राज्य की सत्ता पर क़ाबिज़ भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने से नाराज दीपा कोविंद अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। दीपा कोविंद महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की बहू हैं। उन्होंने कानपुर देहात के झींझक नगर पालिका परिषद के चेयरमैन का निर्दलीय नामांकन कराया है।
दीपा कोविंद राष्ट्रपति की भतीज बहु है

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भतीजे पंकज कोविंद ने कहा कि उनके साथ बीजेपी ने ठीक नहीं किया।उन्हें उम्मीद थी कि पार्टी उनकी पत्नी को टिकट ज़रूर देगी क्योंकि उन्होंने पार्टी के लिए ईमानदारी से कड़ी मेहनत की थी।बीजेपी की लिस्ट जारी होने पर उन्हें झटका लगा।जब उनकी पत्नी का नाम लिस्ट में नहीं था। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जिसे उम्मीदवार बनाया है न तो पार्टी के लोग उसे जानते हैं न ही लोगों के बीच उसकी कोई पहचान है।

झींझक नगर पालिका अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने के नाते यहां से टिकट के लिए राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती और बहू दीपा कोविंद ने बीजेपी से संपर्क किया। बीजेपी ने उन्हें टिकट न देकर सरोजनी देवी कोरी को चेयरपर्सन का उम्मीदवार बनाया है।
विद्यावती ने बताया कि उन्हें टिकट नहीं मिला इसलिए उन्होंने नामांकन नहीं कराया। दीपा के पति पंकज ने बताया कि उनकी पत्नी ने चुनाव के लिए कड़ी मेहनत की। स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए उनके परिवार के सदस्यों और मित्रों ने फैसला लिया कि वह दीपा को निर्दलीय चुनाव लड़ाएंगे।

गुरुवार को दीपा ने नामांकन कराया। कांग्रेस ने यहां से मीरा देवी और समाजवादी पार्टी ने रामादेवी को उम्मीदवार बनाया है। ट्रांसजेंडर कामिनी किन्नर भी झींझक से निर्दलीय ही इस चुनावी मैदान में उतरी हैं।

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