बाराबंकी – बॉलीवुड की फिल्मों में पुलिस का खूब मज़ाक़ बनाया जाता है,कई किरदार ऐसे हैं जो पुलिस के ऊपर कॉमेडी करते हुए दिखते होंगे,लेकिन अगर पुलिस ही खुद रील लाईफ की मज़ाक़ को दरकिनार करके रियल लाइफ़ में अपना मज़ाक़ उड़वाये तो कौन जिम्मेदार होगा।उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि कुछ अच्छी नही बनी हुई है तरह तरह के जॉक और कमेंट सोशल मीडिया पर देखने को मिलते हैं।कुछ दिन पहले यूपी पुलिस द्वारा एक कार ड्राईवर का चालान हेल्मेट न होने की वजह से काट दिया गया था, अब बाराबंकी में यूपी पुलिस ने जो कारनामा अंजाम दिया है वह ऐसी ही कहानियों में शामिल हो गया है जिससे पुलिस की शाख पर सवाल उठते हों।

पुलिस ने चार साल के बच्चे पर लगाई गुंडा 

योगी की पुलिस ने जनपद बाराबंकी में एक चार साल के मासूम बच्चे पर गुंडा एक्ट लगा दिया, जिस बच्चे पर गुंडा एक्ट लगा है वह नर्सरी में पढ़ता है और उसकी आयु मात्रा चार साल है,पुलिस का कानून और वर्दी का मज़ाक़ भला इससे ज़्यादा क्या होगा कि उन्होंने इस चार वर्षीय बच्चे पर मोहम्मद आलम गुंडा एक्ट लगाकर उसके सिग्नेचर करवाकर नोटिस भी तामील कर लिया है। इतना ही नहीं पुलिस ने अपनी वाहवाही बटौरने के लिये गुंडा एक्ट की रिपोर्ट रामनगर के उपजिलाधिकारी को भी भेज दी।

इनाडू की खबर के मुताबिक बाराबंकी के सूरतगंज कस्बे के रहने वाले शेर मोहम्मद का अपने भाई इलियास से संपत्ती के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया था, यह झगड़ा डेढ़ महीने पहले हुआ था, इस पर इलियास ने अपने भाई को धमकी दी थी कि वह उसके पूरे परिवार को जेल भिजवायेगा, इलियास ने धमकी दी थी कि वह बच्चों तक भी जेल भिजवायेगा।
इलियास द्वारा मिली इन धमकियों पर शेर मोहम्मद ने कोई ध्यान नही दिया, लेकिन जब शेर मोहम्मद के घर उनके और उनके चार साल के बेटे मोहम्मद आलम के नोटिसा आया तो उनके होश उड़ गये।  इस घटना के डेढ़ महीने बाद पीडित पिता उप जिलाधिकार रामनगर को प्रार्थना पत्र लिखकर उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रावाई की मांग की है जिन्होंने यह हरकत की है। एसडीएम शेर मोहम्मद की शिकायत पर मोहम्मदपुर खाला के पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई है, और चार साल के मासूम बच्चे मोहम्मद आलम के ऊपर लगे गुंडा एक्ट को हटाने की कार्रावाई की है।

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