कानपुर. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव अपने चरम पर है।प्रदेश के हर छोटे बड़े दल ने ऐड़ी चोटी का ज़ौर लगा रखा है,हर पार्टी के नेता अपने-अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने के लिए रैलियां कर रहे हैं।बुधवार को भाजपा ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा बृजेंद्र स्परूप पार्क में रखी थी। बड़ी भीड़ का दावा करने वाले भाजपा नेताओं को उस समय मुँह की खानी पड़ी जब मंच के सामने पड़ी करीब दस हजार कुर्सियों में से गिनती की कुर्सियों पर लोग बैठे दिखे।जबकि भाजपा रैली में बीस से तीस हजार से ज्यादा लोगों के पहुंचने की घोषण की थी, लेकिन भीड़ ने ना पहुँचकर उनके सपनों पर पानी फेर दिया। मंच के पास रखीं अधिकतर कुर्सियां खाली थीं, इसी के चलते भाजपाईयों के चेहरे मुरझाए हुए थे। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और सत्यदेव पचौरी बार-बार जय श्रीराम के नारे लगाकर लोगों का उत्साहवर्धन कर रहे थे। बावजूद उम्मीद से बहुत कम लोग पहुंचे। सीएम योगी भी संबोधन के नाम पर खानापूर्ति कर चले गए।

20 से 30 हजार लोगों के आने की थी घोषणा-

भाजपा नगर अध्यक्ष सूरेंद्र मैथानी ने सीएम की सभा में बीस से तीस हजार लोगों की बात कही थी, लेकिन यहां महज दो से तीन हजार लोग ही आए। मंत्र के सामने कुर्सियां खाली पड़ी थीं, इसी के कारण सीएम तय कार्यक्रम डेढ बजे के बजाय पौने तीन बजे सभास्थल पहुंचे। रैली में पब्लिक की जगह भाजपा कार्यकर्ता ज्यादा थे। सभास्थल में कम लोगों की मौजूदगी को सीएम भाप गए और सिर्फ पंद्रह मिनट तक लोगों को संबोधित करते हुए कार में बैठकर निकल लिए। भाजपा थिंकटैंक ने सभा में कम लोगों के पहुंचने के पीछे पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को मान रहे हैं।

पार्टी ने अपने तरफ से सर्वे करवाया था, जिसमें यह बात निकलकर आई है कि टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में खींचतान जारी है। इससे आने वाला चुनाव प्रभावित हो सकता है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि निकाय चुनाव में भाजपा को लेकर जिस तरह का माहौल अब तक बन जाना चाहिए था, वह नहीं बन पाया है।

भीड़ कम आने का पहले से हो गया था आभास-

भाजपा को इसकी जानकारी पहले ही हो गई थी कि जिन्हें टिकट नहीं दिया गया वो सीएम की सभा में व्यवधान डाल सकते हैं। इसी के चलते संगठन मंत्री सुनील बंसल मंगलवार को कानपुर आकर डैमेज को कंट्रोल कम करने के लिए जुटे रहे। अकेले कानपुर की बात की जाए तो पार्षद पद के लिए पार्टी के 13 बागी चुनाव मैदान में हैं। पार्टी इसे लेकर भी चिंतित है। पार्टी में अभी भी यह चर्चा है कि टिकट वितरण को लेकर अभी भी कार्यकर्ताओं में कुछ नाराजगी है। जिसे पार्टी अपने स्तर से दूर करना चाहती है। सूत्रों की माने तो मेयर पद के लिए साउथ से कई महिलाओं ने दावेदारी की थी, लेकिन सीएम योगी ने प्रमिला के नाम पर मुहर लगा दी। इसी के बाद दूसरा खेमा खासा नाराज चल रहा है।

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