भारत के मुसलमानों ने पुरे देश में मदरसों का मकड़ जाल तो बिछा दिया है जिसके कारण पूरी दुनिया के मुसलमानों से बहतरीन स्थिति में हैं।लेकिन मेडिकल, इंजीनियरिंग,नोकरशाही में मुसलमान पिछड़े हुए हैं,पुलिस अदालत और हॉस्पिटलों में मुसलमान फरियादी,मरीज़ और अपराधी की लाइन में खड़ा हुआ नज़र आता है।

21वी सदी के शुरू में कुछ दर्दमंद फिक्रमन्द लोगो ने मुस्लिम बच्चों को दीनी उलूम के साथ साथ दुनियवी तालीम देने का बेड़ा उठाया है इन लोगो को अगर उँगलियों पर गिना जाये तो आसानी से गिने जासकते हैं,इसी श्रंखला में एक नाम जिसने मिल्लत ऐ इस्लामिया की बहुत बड़ी खिदमत की है डॉक्टर क़दीर है।

जानिए डॉक्टर क़दीर के बारे में 

शाहीन ग्रूप ओफ इन्स्टिटूशन के संस्थापक पेशे से इंजीनियर डॉक्टर क़ादिर ने कोचिंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत 1989 में कर्नाटक के बीदार जिले के एक छोटे से कमरे से की थी। उनके पहले बैच में मात्र 17 छात्र ही थे।। अब्दुल क़दीर समाज के नोनिहालों और नई नस्ल को पढ़ाने की कोशिश में लगे हैं। उनकी यही कोशिश आज शाहीन ग्रूप ओफ इन्स्टिटूशन के रूप में दुनिया के सामने आयी है।

शाहीन ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन

डॉ. क़दीर द्वारा एक कमरे से शुरू किया गया यह संस्थान अब देशभर में 9 स्कूल चलाता है, 16 प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज साथ  एक डिग्री कॉलेज जिसकी ब्रांच मसूरी और बेंगलोर जैसे बड़े शहरों में है को चलाता है। साल 2012 में इस संस्थान ने 71 छात्रों को प्रोफ़ेशनल कोर्स कराने वाले सरकारी कॉलेज में दाख़िला दिलाया। धीरे धीरे यह संख्या बढ़ रही है 

वर्ष 2013 में 89,वर्ष 2014 में 93,  वर्ष 2015 में 111, वर्ष 2016 में 158 और इसी कड़ी में बढ़ते हुए वर्ष 2017 में 2000 तक आ पहुंची है।

साल 2008 से प्रत्येक वर्ष 90 प्रतिशत छात्रों को प्रोफ़ेशनल कोर्स में एडमीशन मिलता है तो 1764 छात्रों को मेडिकल, इंजनीरिंग और दूसरे प्रोफ़ेशन सरकारी मुफ़्त कोर्सेज में एडमीशन मिलता है। इस संस्थान से लगभग 900 छात्रों ने एम बीबीएस क्रैक कर के सफलता का एक नया कीर्तीमान स्थापित किया है। बीते वर्ष शाहीन इंस्टिट्यूट के एक छात्र ने केसीईटी में तीसरी मेडिकल रैंक हासिल की थी।
गौरतलब है कि शाहीन ग्रूप ऑफ इंस्टिट्यूशन के 16,000 छात्रों को देश भर से विभिन्न कोर्स में एडमीशन देता है। संस्थान के छात्रों का विभिन्न परीक्षाओं में टॉप करना कोई नई बात नहीं है। संस्थान ने कर्नाटक के कॉमन एंटरेंस टेस्ट में लगातार अपनी सीट में बढ़त बनाता आया है।

मिला चुके हैं कई अवार्ड

मुसलामनों के दुसरे सर सय्यद डॉक्टर अब्दुल क़दीर को समाज मे शिक्षा देने के लिए,शिक्षा के क्षेत्र में सेवा प्रदान करने के लिये गुरुकुल अवार्ड, जिला स्तर का राज्योत्सव अवार्ड, शिक्षण रत्न प्रशस्ति, डॉ मुल्ताज ख़ान अवार्ड और कर्नाटक उर्दू अकादमी जैसे अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। डॉ क़ादिर को गुलबर्ग यूनिवर्सिटी द्वारा उनके 33वें वार्षिक कॉन्वकेशन डे पर उनकी शिक्षा, आर्ट्स, संस्कृति और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सर्विस को देखते हुए डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित किया गया।

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