नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर की रहने वाली रूवैदा सलाम शायद ऐसी पहली कश्मीरी मुस्लिम लड़की हैं जिन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की है। रूवैदा जम्मू के कुपवाड़ा की रहने वाली है। सबसे पहले रूवैदा ने एमबीबीएस फिर आइपीएस और उसके बाद अब यूपीएससी का एग्जाम क्लियर कर अपना आइएएस बनने का सपना साकार किया है।

रूवैदा ने जब पहला एमबीबीएस का एग्जाम क्लियर किया तो उनके परिवारवालों और रिश्तेदारों ने उनपर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। एमबीबीएस में सफलता पाने के बाद शादी करके एक आम लड़की जैसी जिंदगी बिताने के बजाय रूवैदा ने अफने बुलंद हौसलों के दम पर ये कामयाबी हासिल की। 27 साल की जुवैदा सलाम को ये कामयाबी यूं ही आसानी से नहीं मिली इसके लिए उन्हे कई मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा।

आपको बता दें कि इस वर्ष के 998 सफल उम्मीदवारों में रूवैदा सलाम की रैंक 820वीं है। रूवैदा सलाम पहली ऐसी भारतीय मुस्लिम लड़की हैं जिन्होंने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की है। रूवैदा ने अपने मेडिकल की पढ़ाई 2009 में शुरू कर दी थी। उन्होंने श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से अपनी डिग्री प्राप्त की। उसके बाद श्रीनगर में लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए आवेदन किया। यहां पर 398 पोस्ट थी। इसमे रूवैदा ने 25वीं रैंक हासिल की। फिर उन्होंने मेडिकल को बीच में छोड़ सिविल सर्विस में दो साल काम किया।

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