इस्तांबुल –पूरी दुनिया में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान इस्लामी जगत में अपनी बेबाकी और निडरता के लिए जाने और पहचाने जाते हैं।जब इस्लामी जगत बड़े नाज़ुक दौर से गुज़र रहा है उस समय उन्होने एक बार फिर बेबाकी से बयान देते हुए कहा कि इस्लाम सिर्फ एक है और कोई मॉडरेट या गैर मॉडरेट इस्लाम नहीं होता। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने कहा, “यह किसने मॉडरेट इस्लाम के नाम के साथ एक सिद्धांत इजाद किया है? पश्चिम ने, कहा जा सकता है जिसने ऐसा कहा हो उसके साथ कोई मामला हुआ हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। “उन्होंने कहा, कहा कि यहां कोई मॉडरेट और गैर मॉडरेट किस्म की कोई चीज मौजूद नही है।
रजब तैय्यब एर्दोगान ने कहा कि इस्लाम सिर्फ एक है कोई मॉडरेट या गैर मॉडरेट इस्लाम नही होता। उन्होंने कहा कि कि इस्लाम मॉडरेट इस्लाम कहने का मकसद इस्लाम को कमजोर करना है। बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोगान ने पिछले दिनों कहा था कि दुनिया के पांच देश हमारे भविष्य का फैसला नही कर सकते।

तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने इस बयान से उन पांच देशों पर निशाना साधा था जिन्हें संयुक्त राष्ट्र में वीटो पॉवर हासिल है। बता दें कि म्यांमार मे हुई रोहिंग्या मुसलमानो के खिलाफ तुर्की सबसे पहले मुखर हुआ था, तुर्की ने बंग्लादेश को विश्वास दिलाया था कि वह रोहिंग्या मुसलमानों को अपने देश में बसाये उनका खर्चा हम उठायेंगे।

गौरतलब है कि तुर्की दुनिया में सबसे ज्यादा शरणार्थियों को पनाह देने वाला देश है, तुर्की में सीरिया के गृह युद्ध से शरणार्थी हुए लोग भी तुर्की में ही रह रहे हैं। तुर्की के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि एसे समय में जब दुनिया के देश सुरक्षा कारणो का हवाला देकर अपनी सीमाओँ को सील कर रहे हैं, उन पर बाढ़ें लगा रहे हैं एसे में तुर्की शरणार्थियों को बगैर भाषा, रंग, धर्म जाने अपने देश में पनाह दे रहा है।

Facebook Comments
SHARE