हर एक मुसलमान कि दिली ख्वाहिश रहती है कि वो अल्लाह का मुक़द्दस घर देखे वो मक्का की बरकतों से फेज़याब होसके मदीने की मोहतरम रूहानी फ़िज़ा का लुत्फ उठा सके।बड़े ही नसीब वाले होते हैं वो लोग जिनके नसीब में हज करना होता है।इस बार हज 2018 के लिए 15 नवंबर 2017 से फार्म भरने का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जो दिसंबर के पहले सप्ताह तक जारी रहेगा। पहले की तरह देवबंद में मुस्लिम फंड ट्रस्ट की ओर से हज काउंटर पर भी हज फार्म भरे जाएंगे। गौरतलब है कि शुरूआत में हर यात्री का रजिस्ट्रेशन होगा, इसके बाद करा अंदाजी के ज़रिये हज यात्री का चुनाव किया जायेगा।

मोलाना हसीब सिद्दीकी ने दी जानकारी

देवबन्द में हज सेवक मौलाना हसीब सिद्दीकी ने आज पत्रकारों के साथ चर्चा में किया। उन्होंने कहा कि देवबंद और उसके नज़दीकी क्षेत्र में जो व्यक्ति हज यात्रा 2018 में जाने का इरादा रखते हों, वे 15 नवंबर या उसके बाद दिसंबर के पहले सप्ताह तक पासपोर्ट, आधार कार्ड, बैंक खाता और 3 रंगीन फोटो के साथ मुस्लिम फंड देवबंद के हज काउन्टर से संपर्क करके फार्म भर कर राज्य के हज कमीटी के ऑफिस में भेज दें।

मौलाना हसीब सिद्दीकी ने बताया कि हज यात्रा के इच्छुक लोगों को पहले हज कमेटी की पे इन स्लिप के माध्यम से 300 रुपये प्रति यात्री स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक में जमा होंगे, उसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ हज फार्म भरकर संबंधित कार्यालय को भेजा जाएगा उन्होंने कहा कि जिनके पास अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट नहीं है वह तत्काल पासपोर्ट बनाने की तैयारी करें।

पासपोर्ट के सिलसिले में उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पासपोर्ट वर्ष 2019 के अंत तक वेलिड होंगे उन्हीं यात्रियों को हज यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा जिन लोगों के पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो चुकी है वह जल्द से जल्द उसके नवीकरण करालें । उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में ग्रीन कटेगरी की लागत 2,38,000 रुपये और अज़ीज़िया श्रेणी की लागत 2 लाख 5 हजार रूपये तक के लागत आये थे। केंद्रीय हज समिति की ओर से इस साल भी थोड़ी बहुत बढ़ोतरी किया जाएगा

Facebook Comments
SHARE