देश में 60 से अधिक लोगो को नफरत और गाँय कि वजह से मार दिया गया है,अपने घर में दूध के लिये ले जारहे लोगो को आये दिन गौरक्षादल पकड़ कर उन्हें दर्दनाक ढंग से मौत के घाट उतार देते हैं।पूरी दुनिया के मीडिया ने इसको उन्माद तथा आतँक की परिभाषा दी है।लेकिन भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गोरक्षा के नाम पर पीट-पीटकर हुई हत्या की घटनाओं को आपराधिक कृत्य तो माना है लेकिन इसके साथ साथ अजीब बात कही है कि इसको सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

उमर को मारने वालो पर सरकार कार्यवाही करे 

राजस्थान के अलवर जिले में बीते सप्ताह गोरक्षकों द्वारा एक किसान उमर खान की पीट-पीटकर हत्या किए जाने पर नकवी ने कहा कि राजस्थान सरकार जरूरी कार्रवाई कर रही है और यह सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह समाज के सभी तबकों की सुरक्षा करे।नकवी ने कहा, हर जगह ऐसे लोग हैं जो अपने विनाशकारी एजेंडे से विकास के एजेंडे को पटरी से उतारने की कोशिश करते हैं..इस तरह की घटनाएं दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण हैं। नकवी ने कहा, कभी-कभी लोग गोरक्षा के नाम पर अपनी निजी दुश्मनी निकालते हैं। लेकिन, मेरा मानना है कि इस तरह के आपराधिक कार्य को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। जो इस तरह की घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देते हैं, वे वास्तव में इस तरह के स्वयंभू रक्षकों के विघटनकारी एजेंडे की सहायता करते हैं

मंत्री जी हत्या तो सांप्रदायिकता की वजह से ही होरही है।

शायद मुख्तार अब्बास नकवी भूल रहे हैं कि अब तक जितनी भी घटनाएँ हुई हैं वो सब दलितों या मुस्लिमों की हुई हैं क्योंकि उन्हें निशाना बनाकर पहले लूट खसोट की जाती है उसके बाद उन्हें जान से मार दिया जाता है।इन तमाम हत्याओं के पीछे सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है और वो है विशेष समुदाय से होना।

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