अहमदाबाद।गुजरात के आतँकवाद निरोध दस्ते यानी (ATS)ने दो नोजवानों को इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया (आईएसआईए) से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया है। ATS का कहना है कि दोनों गुजरात चुनावों के दौरान अहमदाबाद के खाडिया इलाके में बम विस्फोट करने वाले थे।

यहूदियों की इबादतगाह पर हमले की साज़िश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह दोनों नोजवान खाडिय़ा में यहूदियों के धार्मिक स्थल को निशाना बनाने वाले थे। इसके लिए इनकी ओर से यहूदियों के आराधना स्थल की रैकी भी की गई थी।पकड़े गए आरोपियों में एक का नाम कासिम स्टीम्बरवाला जबकि दूसरे का नाम उबेद मिर्जा है।

खुलासा किया जारहा है कि यह दोनों अहमदाबाद के खाडिया में लोन वुल्फ अटैक करके जमैका भागने की योजना थी। लेकिन ये अपने नापाक मंसूबे में कामियाब हों उससे पहले ही गुजरात एटीएस की टीमों ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ही सूरत के रहने वाले हैं।

कासिम मूल रूप से वडोदरा का रहने वाला है हाल सूरत बडेखा चकला, ख्वाजा दाना दरगाह के पास पुलिस गेट के पीछे रहता है। जबकि उबेद सूरत उत्तर के सैयदपुरा के हथ्थपुरा मोहल्ले का रहने वाला है।

एक वकील, दूसरा लैब टेक्नीशियन!

कासिम अंकलेश्वर के एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था। जबकि उबेद मिर्जा सूरत में वकील के रूप में प्रेक्टिस कर रहा था। यह दोनों ही आईएसआईएस के भारत के मुख्य आतंकी सफी अरमार के संपर्क में थे। सफी कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला है और आईएसआईएस से जुड़ गया। वह सीरिया में रहकर भारत में आईएसआईएस के लिए आतंकियों की भर्ती करने का काम कर रहा है। कुछ समय से दोनों जमैका के कथित आईएसआईएस आतंकी अब्दुल्ला अल फैजल से संपर्क में रह थे

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