भारत के सबसे चुस्तफूर्त खिलाड़ी मोहम्मद कैफ को भारतीय टीम से बाहर रहते हुए लगभग 11 साल का लम्बा समय होचुका है,मोहम्मद कैफ मैदान में शानदार फील्डिंग और अपनी टीम के रन बचाने के लिये जाने जाते थे।कैफ के कई यादगार मैच हैं जिसमें उन्होंने असम्भव हालात में टीम को मैच जितवाया था।एकदिवसीय क्रिकेट में 125 मैच खेलने वाले कैफ ने 110 पारियों में 72.03 के स्ट्राईक रेट से 2753 रन बनाये हैं।

चीता छलांग लगाते थे कैफ

कैफ को रन बनाने से ज़्यादा रन बचाने के लिये जाना जाता रहा है,मैदान में उनकी छलांग कभी भी गेंद को पास से निकलने नही दिया करती थी,पतले दुबले कैफ हमेशा मैदान में चर्चा का विषय रहा करते थे,बहुत कम समय ऐसा हुआ कि कैफ ने कोई मुश्किल से मुश्किल कैच भी छोड़ा हो।

बनाये जासकते हैं अफगानी टीम के कोच

भारतीय टीम में चयन ना होने की वजह से मोहम्मद कैफ इन दिनों छत्तीसगढ़ की रणजी टीम के कप्तान और मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं. लेकिन मीडिया रिपर्ट्स के अनुसार मोहम्मद कैफ की क़ाबिलियत की वजह से अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ ने कैफ से मुलाक़ात करके उन्हें अफगानी टीम के कोच बनाने के सम्बन्ध में बात करी है. कैफ ने आईपीएल के पिछले सीजन में कैफ गुजरात लॉयंस की टीम के फील्डिंग कोच की भूमिका भी निभा चुके हैं.

कोच बनने के लिये लेना होगा सन्यास

मोहम्मद कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट और 125 वनडे मैच खेले हैं. 36 साल के कैफ अगर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का ऑफर कबूल करते हैं तो फिर उन्हें बतौर क्रिकेटर अपने संन्यास का ऐलान करना होगा. यूं तो कैफ ने भारत के लिए कई मुकाबलों में अहम भूमिका निभाई थी लेकिन साल 2002 में इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स के मैदान पर उनकी 87 रन की पारी हमेशा याद की जाती है जिसके चलते भारत वह ट्राइंग्युलर सीरीज जीतने में कामयाब हुआ था.

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