इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक नया मामला पेश आया है वह यह कि कोर्ट परिसर में बनी एक पुरानी मस्जिद को तीन महीने में हटाने का आदेश हाई कोर्ट ने दिया है।हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ मस्जिद प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का ऐलान किया है। मस्जिद प्रशासन का कहना है कि हाई कोर्ट की मस्जिद सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज है और यहां 1981 से नियमित नमाज़ हो रही है। ऐसे में मसजिद को कानूनी रूप से बचाने की पूरी कोशिश की जाएगी। प्रतिष्ठित क़ानून विद वरिष्ठ एडवोकेट रवि किरण जैन हाईकोर्ट मस्जिद का मुक़दमा सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की मस्जिद के अस्तित्व की कानूनी लड़ाई अब लंबी खिंचने वाली है। मस्जिद प्रशासन समिति के वकील रवि किरण जैन ने हाईकोर्ट के जुलाई को दो जजों ने मस्जिद का मुआयना किया था और उन्होंने मस्जिद की मौजूदगी पर अपनी संतुष्टि व्यक्त भी किया था।

रवि किरण जैन का कहना है कि तीन महीने के भीतर मस्जिद को हटाने के हालिया अदालत के फैसले में कई कानूनी खामियां मौजूद हैं। रवि किरण जैन ने कहा कि अदालत ने अपने फैसले में वक्फ कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के नियमों में कुछ दिशानिर्देशों को नजरअंदाज किया है। रवि किरण जैन का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जल्द ही सुप्रीमकोर्ट में अपील दर्ज की जाएगी।

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