आजमगढ़/लखनऊ 9 नवम्बर 2017. रिहाई मंच ने अबू जैद की गिरफ्तारी के बाद आजमगढ़ के युवाओं से लगातार हो रही पूछताछ के बीच एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार के बयान पर सवाल उठाया की जैद के अलावा और कोई नहीं है उनके पास.
रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा की जैद की मुम्बई एयरपोर्ट से गिरफ्तारी के बाद मुबई में रह रहे उसके परिजनों को लगातार पुलिस पूछताछ के नाम पर बुला रही है. वहीँ आजमगढ़ के ही निजामाबाद थाना के कुजियारी गाँव से मुस्लिम युवकों को पुलिस उठा ले गई. उन्होंने कहा की ऐसी स्थिति में एडीजी कानून व्यवस्था का बयान साफ करता है की इन सभी युवकों से गैर क़ानूनी तरीके से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा की आजमगढ़ एक बार फिर सुरक्षा और जाँच एजेन्सियों के निशाने पर है. इस जिले के जो छवि बना दी गयी है उसके चलते आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों का उत्पीड़न करने की इन एजेन्सियों को खुली छूट मिली है.
आजमगढ़ रिहाई मंच प्रतिनिधिमंडल ने छाऊं और कुजियारी गाँव का दौरा किया. प्रतिनिधिमंडल में शामिल मसीहुद्दीन संजरी, तारिक शफीक़, सालिम दाऊदी और ग़ुलाम अम्बिया ने बताया कि अबु जैद के पिता अलाउद्दीन और गाँव के लोगों से मुलाकात में मालूम चला की उनके गांव के चार लड़कों को मुंबई में पुलिस ने पूछताछ के लिए 7 तारीख को उठाया था और रात में 11 बजे करीब यह कह कर जाने दिया था कि अगले दिन उन्हें फिर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के बुलाने के हिसाब से पहुंच जाना होगा। यह सिलसिला आज तीसरे दिन भी जारी है। हासिम, फरहान, खालिद और फहीम से लगातार पूछताछ हो रही है. गांव में इस पूछताछ की घटना से भय और आक्रोश का माहौल है।

रिहाई मंच ने कहा की अबु जैद को मुम्बई आना था और वहां से उसे कनेक्टिंग फ्लाइट से वाराणसी. ऐसे में उसके न आने पर निश्चित रूप से परिजन परेशान हुए. आजमगढ़ और मुस्लिम होने के कारण यह चिंता और बढ़ जाती है. जिस डर में मुस्लिम समाज जी रहा है की कब उसके बच्चे को किसी फर्जी केस में न फंसा दिया जाय वो डर अलाउद्दीन साहब के लिए सच साबित हुआ जब उन्हें मालूम चला की उनके बेटे को आतंकवाद के आरोप में फंसा दिया गया है. जब अबु मुंबई और वाराणसी नहीं पंहुचा तो मुंबई में उसके सम्बन्धी और बाबतपुर, वाराणसी हवाई अड्डे पर उसके परिजन उसको खोजने के लिए गए. मुम्बई जब वो पहुँचने वाला था तो वहा से फ्लाइट की जो देरी थी उसके चलते उसने अपने मुंबई में रह रहे सम्बन्धियों को बोला था की वे हवाई अड्डे पर आकर उसको ले लेंगे क्योंकि वो उनके घर तक नहीं पहुँच पायेगा. अब पुलिस उन्ही लोगों को पिछले तीन दिनों से पूछताछ के नाम पर परेशान कर रही है जो उसको लेने या खोजने एयर पोर्ट गए थे या वो कहां पंहुचा ये जानने के लिए उससे फ़ोन पर बात की थी. अगर अबू इतना ही शातिर होता और वे उसके ग्रुप के होते तो वे क्या इस तरह से फ़ोन पर बात करते या फिर एअरपोर्ट जाते.

रिहाई मंच ने किया गांव का दौरा

रिहाई मंच प्रतिनिधिमंडल कुजियारी गाँव भी गया. कुजियारी में 7 नवम्बर की रात में करीब 9 बजे गांव को चारो तरफ से घेर कर चार युवकों को पुलिस पकड़ कर अपने साथ ले गई. दूसरे दिन उनमें से तीन युवकों तलहा पुत्र बदरे आलम, तारिक पुत्र फीरोज़ और अशरफ पुत्र भुक्कड़ को छोड़ दिया. इशराक पुत्र शब्बीर को आज तीसरे दिन भी किसी अदालतमें पेश नहीं किया गया है जबकि मीडिया रिपोर्ट्स में इशराक पुत्र शब्बीर को आईएस से सम्बंध के आरोप में गिरफ्तार जनपद के अबू जैद से जोड़ा जा रहा है. गांव के लोगों ने यह भी बताया कि उठाए जाने से पूर्व पुलिस वालों ने एक राहगीर से पूछा था कि क्या इस गांव में गोरा–लम्बा आदमी रहता है जिसके पास पाकिस्तानी नागरिक आते हैं. प्रतिनिधिमंडल ने पाया की इशराक के घर पर ताला बंद है.

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