नई दिल्ली – उत्तर प्रदेश के दादरी का नाम चर्चाओं में लाने वाला काँड अखलाक हत्याकांड की गूँज को देश दुनिया में खूब सूना गया था,विदेशी मीडिया ने इस मुद्दे को बड़ी ज़िम्मेदारी के साथ उठाया आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया था जेल में बन्द थे लेकिन सत्ता और सरकार बदलने का सीधा प्रभाव पड़ा और 15 आरोपियों को ग्रेटर नोएडा के दादरी स्थित एनटीपीसी में नौकरी दे दी गई है। बताते चलें कि साल 2015 में दादरी के बिसहेड़ा गांव में वायू सेना कर्मी के पिता मोहम्मद अखलाक की उन्हीं के गांव वालों ने पीट पीट कर हत्या कर दी थी। अखलाक के हत्यारोपियों का कहना था कि उन्हें शक था कि अखलाक के फ्रिज में गौमांस है।
इस घटना में अखलाक के दूसरे बेटे को भी बेरहमी से पीटा गया था, वह महीनों अस्पताल में भर्ती रहा और आखिरकार जिंदगी की जंग जीत गया। अखलाक की हत्या के बाद पूरे देश में नामी लेखकों ने विरोध करते हुए अपने पुरस्कार लौटा दिए थे। लेकिन अब उन्हीं लोगों को नौकरी दे दी गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक भाजपा विधायक तेजपाल सिंह नागर ने एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ बीते 9 अक्टूबर को एक बैठक में 15 युवाओं की भर्ती की व्यवस्था की थी। एनटीपीसी के प्रवक्ता ने नौकरी की पुष्टि करते हुए बताया कि हां हमने बिसाहड़ा के बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का फैसला किया है। प्रवक्ता ने कहा कि इसका अखलाक के मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की पॉलिसी के अनुसार प्रोजेक्ट के प्रभावित हुए बिसाहड़ा के कई लोगों को उनकी योग्यता और विशेषज्ञता के आधार पर कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी दी जाती हैं। जानकारी के लिये बता दें कि अखलाक की हत्या के बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और जिसमें से एक रवी सिसोदिया की जेल में डेंगू और चिकनगुनिया कारण मौत हो गई थी।

सीएनएन न्यूज 18 से बात करके हुए भाजपा विधायक तेजपाल सिंह नागर ने कहा, जिस लड़के (रवी सिसोदिया) की जेल में मौत हुई थी, उसकी पत्नी को एक महीने के अंदर प्राइमरी स्कूल में नौकरी और आठ लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

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